Audrey Hepburn का जन्म 1929 में बेल्जियम में एक अमीर परिवार में हुआ, बड़ी होकर वो अदाकारा बनी. उनकी पहली फिल्म रोमन हॉलिडे (1953) थी. इस फिल्म ने अमेरिका से लेकर यूरोप तक तहलका मचा दिया. 1954 में किसी फिल्म की शूटिंग के लिए अफ्रीका के किसी देश गयी थी, वहां उन्होंने पहली बार गरीबी कुपोषण भूखमरी से ग्रस्त लोगों को तड़पते हुए देखा.
💫वापस घर आकर उन्होंने अपनी माँ से कहा कुपोषण भुखमरी के लिए कुछ करना चाहती हूँ, हमारे देश में किन किन इलाकों में कुपोषण और गरीबी है ? माँ ने उत्तर दिया प्रथम विश्वयुद्ध और द्वितीय विश्वयुद्ध के खत्म होते ही यूरोप के कई हिस्सों में बेहद आर्थिक संकट था लेकिन यहां के नेताओं ने आर्थिक संकट से यूरोप को बाहर निकाल लिया.
💫गरीबों की मदत के लिए तुम्हें अफ्रीका साउथ एशिया और साउथ अमेरिका जाना होगा, इन देशों में गरीबी कुपोषण और भुखमरी अधिक है. अपनी पहली फिल्म के बाद से ही 25 साल की उम्र में 1954 में audrey hepburn यूनिसेफ से जुड़ गई.
💫 अमेरिका और यूरोप के उद्योगपतियों से चंदा जुटा कर उन्होंने अफ्रीका के कई देशों में स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाये, अपनी देख रेख में भूखमरी से ग्रस्त इलाकों में भोजन उपलब्ध कराया और शिक्षा स्वास्थ्य उपलब्ध कराने में कार्य किया. फिल्मों से सन्यास लेकर वो पूरी तरह सामाजिक कार्य में जुट गई. इथोपिया सूडान पाकिस्तान इंडिया बांग्लादेश कंबोडिया लाओस पेरू बोलीविया जैसे गरीब देशों में काफी काम किया.
💫1988 में उनका स्वास्थ्य गिर गया, वो बीमार रहने लगीं. इसके बावजूद वो स्वास्थ्य और कुपोषण के कार्य में लगन से जुटी रहीं. 1992 में Audrey Hepburn की कैंसर से मौत हो गयी.
💫 भारतीय अदाकारों को Audrey Hepburn से सीख लेनी चाहिए. भारतीय एक्टर एक्ट्रेस को सामाजिक कार्य के लिए अफ्रीका जाने की जरुरत नहीं यहीं इसी भूमि पर 25 करोड़ से अधिक भारतीयों को दो वक़्त का भोजन नही मिल पाता है.
